प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 2026 के तहत पहली बार EPF से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 का प्रोत्साहन दो किस्तों में दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य नए रोजगार को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को संगठित क्षेत्र की सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है।
Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana को आधिकारिक रूप से Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana यानी PM-VBRY भी लिखा जाता है। इसका संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के माध्यम से किया जाता है। योजना में कर्मचारी के साथ अतिरिक्त रोजगार देने वाले पात्र नियोक्ता को भी प्रोत्साहन मिलता है।
24 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, योजना की निर्धारित पंजीकरण अवधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक है। लाभ के लिए इस अवधि में पात्र प्रतिष्ठान में नौकरी शुरू करने सहित अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है।
PM Viksit Bharat Rojgar Yojana 2026 की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना |
| संक्षिप्त नाम | PM-VBRY / PMVBRY |
| संबंधित मंत्रालय | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार |
| क्रियान्वयन संस्था | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, EPFO |
| योजना प्रभावी होने की तारीख | 1 अगस्त 2025 |
| निर्धारित पंजीकरण अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 |
| कर्मचारियों को लाभ | पात्र प्रथम बार EPF अंशदान करने वाले कर्मचारी को अधिकतम ₹15,000 |
| भुगतान | दो किस्तों में, निर्धारित शर्तों के अनुसार |
| कर्मचारी की वेतन सीमा | नौकरी शुरू करते समय सकल मासिक वेतन ₹1 लाख तक |
| नियोक्ता को लाभ | प्रत्येक पात्र अतिरिक्त कर्मचारी पर अधिकतम ₹3,000 प्रतिमाह की दर से |
| लागू क्षेत्र | राजस्थान सहित पूरे भारत में पात्र प्रतिष्ठान |
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजना है। इसमें पहली बार EPF अंशदान करने वाले पात्र कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन दिया जाता है।
योजना के दो भाग हैं:
- Part A: पहली बार EPF से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए अधिकतम ₹15,000 का प्रोत्साहन।
- Part B: निर्धारित आधार संख्या से अधिक रोजगार देने वाले पात्र नियोक्ताओं के लिए वेतन श्रेणी के अनुसार प्रोत्साहन।
कर्मचारी का लाभ नौकरी, EPF अंशदान और निर्धारित सेवा अवधि से जुड़ा है। केवल नाम दर्ज कराने से भुगतान की पात्रता पूरी नहीं होती।
कर्मचारियों को ₹15,000 का लाभ कैसे मिलेगा?
Part A में प्रोत्साहन की राशि EPF वेतन के आधार पर तय होती है और इसकी कुल सीमा ₹15,000 है। EPF वेतन वह वेतन है जिसके आधार पर भविष्य निधि का अंशदान जमा किया जाता है। यह कर्मचारी की कुल सैलरी से अलग हो सकता है।
इसलिए सभी पात्र कर्मचारियों को समान ₹15,000 मिलना तय नहीं है। वास्तविक राशि EPF वेतन और योजना की गणना के अनुसार निर्धारित होगी।
पहली किस्त कब मिलेगी?
पहली किस्त के लिए सामान्यतः एक ही प्रतिष्ठान में लगातार छह पूर्ण वेतन माह की सेवा और संबंधित महीनों का ECR अंशदान सहित जमा होना जरूरी है।
पहली किस्त छह पूर्ण महीनों के औसत EPF वेतन की आधी राशि के आधार पर तय की जाती है। इसकी अधिकतम सीमा ₹7,500 है।
दूसरी किस्त कब मिलेगी?
दूसरी किस्त की पात्रता के लिए एक ही प्रतिष्ठान में 12 पूर्ण वेतन माह की सेवा, संबंधित ECR और अंशदान तथा निर्धारित Financial Literacy Programme पूरा करना जरूरी है।
इसकी गणना 12 पूर्ण महीनों के औसत EPF वेतन और पहले मिल चुकी किस्त के आधार पर होती है। दोनों किस्तों का कुल प्रोत्साहन ₹15,000 से अधिक नहीं होगा।
दूसरी किस्त निर्धारित बचत साधन या जमा खाते में रखी जाएगी। इसकी निकासी संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार होगी।
उदाहरण के लिए, यदि पात्र कर्मचारी का संबंधित पूरी अवधि में EPF वेतन ₹12,000 प्रतिमाह बना रहता है और सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो पहली किस्त ₹6,000 और दूसरी किस्त ₹6,000 हो सकती है। यह गणना समझाने का उदाहरण है; अंतिम राशि EPFO रिकॉर्ड के अनुसार तय होगी।
PM Viksit Bharat Rojgar Yojana Eligibility: पात्रता क्या है?
कर्मचारियों के लिए प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
- कर्मचारी ने 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच EPF के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठान में नौकरी शुरू की हो।
- वह 1 अगस्त 2025 से पहले EPFO या किसी छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के PF ट्रस्ट का अंशदान करने वाला सदस्य नहीं रहा हो।
- योजना अवधि में पहली बार उसके नाम से EPF अंशदान प्राप्त हुआ हो।
- नौकरी शुरू करते समय उसका सकल मासिक वेतन ₹1 लाख तक हो।
- उसका UAN, UMANG ऐप की Face Authentication Technology यानी FAT के माध्यम से प्रमाणित हो।
- पहली और दूसरी किस्त के लिए लागू सेवा अवधि तथा अंशदान की शर्तें पूरी हों।
- भुगतान के लिए बैंक खाता आधार से सीडेड हो।
- दूसरी किस्त के लिए निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा किया गया हो।
यदि किसी व्यक्ति का UAN पहले से बना हुआ है, लेकिन 1 अगस्त 2025 से पहले उसके नाम से EPFO या किसी छूट प्राप्त PF ट्रस्ट में कभी अंशदान जमा नहीं हुआ, तो अन्य शर्तें पूरी होने पर वह प्रथम बार कर्मचारी की श्रेणी में आ सकता है।
योजना के लिए कौन सी जानकारी जरूरी है?
लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में मुख्य रूप से निम्न जानकारी सही होनी चाहिए:
- आधार विवरण और आधार प्रमाणीकरण।
- Face Authentication से प्रमाणित UAN।
- आधार से सीडेड बैंक खाता।
- नौकरी शुरू करने की तारीख और नियोक्ता का विवरण।
- EPFO रिकॉर्ड में दर्ज वेतन और मासिक अंशदान।
- दूसरी किस्त के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने का रिकॉर्ड।
कर्मचारी अपनी जानकारी नियोक्ता के HR या संबंधित विभाग से मिलान करवा सकता है। ECR यानी Electronic Challan-cum-Return मासिक विवरण होता है, जिसे नियोक्ता EPFO में जमा करता है।
PM Viksit Bharat Rojgar Yojana Registration: कर्मचारियों को क्या करना होगा?
Part A के लाभ के लिए कर्मचारी को अलग से योजना का आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। लाभ का निर्धारण UAN, नियोक्ता द्वारा जमा ECR, अंशदान और पात्रता के रिकॉर्ड के आधार पर होता है।
कर्मचारी को ये काम पूरे करने चाहिए:
- UAN और Face Authentication पूरा करें: UMANG ऐप की EPFO सेवाओं के माध्यम से आवश्यक UAN प्रक्रिया और चेहरा प्रमाणीकरण पूरा करें।
- UAN नियोक्ता को दें: नौकरी शुरू करते समय अपना सही UAN कंपनी या संस्थान को उपलब्ध कराएं।
- बैंक खाते की आधार सीडिंग जाँचें: भुगतान प्राप्त करने वाले खाते की आधार सीडिंग पूरी रखें।
- EPF अंशदान का रिकॉर्ड देखें: सुनिश्चित करें कि नियोक्ता संबंधित महीनों का ECR और अंशदान जमा कर रहा है।
- सेवा अवधि की शर्तें पूरी करें: पहली किस्त के लिए छह और दूसरी के लिए 12 पूर्ण वेतन माह की लागू शर्तें पूरी करें।
- वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करें: दूसरी किस्त के लिए EPFO द्वारा निर्धारित कार्यक्रम पूरा करें।
सिर्फ UAN बन जाने से भुगतान स्वीकृत नहीं हो जाता। नौकरी और अंशदान से जुड़ी बाकी शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
पूर्ण वेतन माह की गणना कैसे होगी?
योजना में सेवा अवधि की गणना के लिए “Completed Wage Month” महत्वपूर्ण है।
यदि कर्मचारी महीने की 5 तारीख या उससे पहले नौकरी शुरू करता है, तो संबंधित ECR और अंशदान की शर्तें पूरी होने पर उसी महीने को पहला पूर्ण वेतन माह माना जाता है। यदि वह 5 तारीख के बाद नौकरी शुरू करता है, तो अगला कैलेंडर महीना पहला पूर्ण वेतन माह माना जाता है।
इसलिए किस्त की पात्रता का समय केवल जॉइनिंग तारीख में छह महीने जोड़कर तय नहीं करना चाहिए।
नियोक्ताओं को कितना प्रोत्साहन मिलेगा?
Part B के अंतर्गत पात्र प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने पर कर्मचारी के EPF वेतन की श्रेणी के अनुसार प्रोत्साहन दिया जाता है।
| पात्र अतिरिक्त कर्मचारी का मासिक EPF वेतन | नियोक्ता को प्रति कर्मचारी मासिक प्रोत्साहन की दर |
|---|---|
| ₹10,000 तक | अधिकतम ₹1,000 |
| ₹10,000 से अधिक और ₹20,000 तक | ₹2,000 |
| ₹20,000 से अधिक की पात्र श्रेणी | ₹3,000 |
₹10,000 से कम EPF वेतन होने पर प्रोत्साहन EPF वेतन के 10 प्रतिशत की दर से होगा। कर्मचारी का नौकरी शुरू करते समय सकल मासिक वेतन ₹1 लाख तक होने सहित अन्य शर्तें लागू रहेंगी।
नियोक्ताओं के लिए सामान्यतः दो वर्ष तक प्रोत्साहन का प्रावधान है। विनिर्माण यानी Manufacturing क्षेत्र के पात्र प्रतिष्ठानों को तीसरे और चौथे वर्ष में भी लाभ मिल सकता है। भुगतान पात्रता के अनुसार छह महीने के अंतराल पर एकमुश्त किया जाता है।
अतिरिक्त रोजगार की शर्त
योजना की निर्धारित बेसलाइन के ऊपर रोजगार बढ़ाना जरूरी है। बेसलाइन का अर्थ दिशानिर्देशों के अनुसार तय आधार कर्मचारी संख्या है।
- बेसलाइन 50 से कम होने पर: कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारियों की शर्त।
- बेसलाइन 50 या अधिक होने पर: कम से कम पांच अतिरिक्त कर्मचारियों की शर्त।
संबंधित कर्मचारियों की कम से कम छह महीने की सेवा और ECR सहित अन्य नियम भी लागू होते हैं।
नियोक्ता रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
नियोक्ता आधिकारिक PMVBRY वेबसाइट पर उपलब्ध Employer Login के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। प्रतिष्ठान का EPFO पंजीकरण और आवश्यक संस्थागत जानकारी सही होना जरूरी है।
पहले से EPFO में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को दिशानिर्देशों के अनुसार योजना में पंजीकृत माना गया है। फिर भी प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए PAN, GSTN और PAN से जुड़े बैंक खाते जैसी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा नियमित ECR अनुपालन करना जरूरी है।
नए प्रतिष्ठानों को EPFO पंजीकरण सहित लागू औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। Part B का लाभ अतिरिक्त रोजगार और पात्रता की जाँच के आधार पर मिलेगा।
बैंक खाते में पैसा कब आएगा?
दिशानिर्देशों में पात्रता की शर्तें पूरी होने और भुगतान सहित आवश्यक ECR जमा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 45 दिनों के भीतर प्रोत्साहन भुगतान का प्रावधान दिया गया है।
कर्मचारियों का भुगतान Aadhaar Bridge Payment System के माध्यम से DBT द्वारा किया जाता है। आधार सीडिंग अधूरी होने पर भुगतान रुक सकता है। ऐसे मामलों में बैंक खाते की जानकारी और EPFO रिकॉर्ड की स्थिति जाँचनी चाहिए।
Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana 2026 Important Links
| निर्धारित पंजीकरण अवधि की अंतिम तारीख | 31 जुलाई 2027 |
| पहली किस्त की पात्रता | छह पूर्ण वेतन माह और संबंधित शर्तें पूरी होने पर |
| दूसरी किस्त की पात्रता | 12 पूर्ण वेतन माह, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम और संबंधित शर्तें पूरी होने पर |
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